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होम लोन ब्याज़ दर और शुल्क

होम लोन पर ब्याज दर क्या है?

आमतौर पर एक प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाने वाला, होम लोन ब्याज दर वह दर है जिस पर एक निर्धारित अवधि में प्रिंसिपल होम लोन राशि पर ब्याज लगाया जाता है।

टाटा कैपिटल भारत में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी होम लोन ब्याज दर प्रदान करता है, जो सिर्फ 6.70%*. से शुरू होती है

मौजूदा होम लोन ब्याज दर क्या है?

Currently, the interest rates on home loans are at a 15-year low and range anywhere from 6.5% to 12%. With Tata Capital, you can avail of housing loans that start at the latest home loan interest rates of just 6.70%*.

In the hopes of encouraging economic recovery, the Reserve Bank of India (RBI) cut down the repo rate by 40 basis points (BPS) to 4% in May 2020. As a result, interest on house loans from banks and NBFCs has dropped to incentivise home buyers.

होम लोन पर ब्याज दरें इतनी महत्वपूर्ण क्यों होती हैं?

होम लोन ब्याज दर होम लोन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। होम लोन के ब्याज की गणना से आपको उस राशि के बारे में पहले से पता चल जाता है, जिसकी आपको प्रिंसिपल होम लोन राशि के ऊपर और उसके बाद भुगतान करने की आवश्यकता होती है। यह देखते हुए कि होम लोन आमतौर पर लंबी अवधि के लोन होते हैं, जो 15 से 30 साल तक के होते हैं, तो कुल ब्याज समय के साथ काफी अधिक हो सकता है। यहां तक कि हाउसिंग लोन की ब्याज दर में मामूली अंतर भी वर्षों में महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, अवधि बढ़ने से होम लोन के ब्याज में भी बढ़ोतरी होगी। इसलिए, होम लोन ब्याज दर की जांच और तुलना करना और भारत में स्पर्धात्मक होम लोन ब्याज दर की पेशकश करने वाला ऋणदाता चुनना महत्वपूर्ण है।

होम लोन पर ब्याज का हिसाब कैसे लगाएं?

होम लोन ब्याज की गणना आमतौर पर प्रत्येक दिन के अंत में बकाया मूल राशि पर की जाती है और मासिक आधार पर वसूली जाती है। लोन देने वाली संस्था प्रति दिन बकाया लोन राशि लेती है और इसे नवीनतम होम लोन ब्याज दर से गुणा करती है जिसे हाउसिंग लोन ब्याज गणना के लिए सौंपा गया है।

हाउसिंग लोन की दरें स्थिर नहीं रहती हैं। मुख्य रूप से आधार ऋण दर और एमसीएलआर शामिल हों ऐसी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा निर्धारित की गई मौद्रिक पॉलिसी के अनुसार वे परिवर्तन के अधीन होती हैं। आपकी होम लोन ब्याज दर की गणना आपकी क्रेडिट रेटिंग के आधार पर भी की जाती है और कोई संस्था कितना ऋण दे सकती है इसके आधार पर यह ऋणदाताओं में भिन्न होती हैं।

होम लोन पर ब्याज की दरों को प्रभावित करने वाली चीज़ें क्या हैं?

निम्नलिखित चीज़ें आपके होम लोन की दरों को प्रभावित कर सकती हैं:

सिबिल स्कोर

Your CIBIL score represents your creditworthiness and repayment capability, and it significantly affects the interest rate you have to pay. The higher your CIBIL score, ideally over 750, the more competitive housing loan rates you can get.

Job profile

नियमित आय का स्रोत, सुरक्षित काम और भरोसेमंद नियोक्ता के यहाँ नौकरी ऋणदाता को आपकी लोन चुकाने की क्षमता के बारे में आश्वस्त करता है और आख़िरकार आपके हाउसिंग लोन की ब्याज दरों को प्रभावित करता है।

आय

नौकरी प्रोफ़ाइल के अलावा, ऋणदाता आपकी वित्तीय स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए आपकी मासिक आय पर विचार करता है। जितना अधिक आपकी आय होती ह

Debt-to-income ratio

अतिरिक्त ऋण को चुकाने की आपकी क्षमता की समीक्षा करने के लिए, ऋणदाता आपका ऋण-आय (डीटीआई) अनुपात देखते हैं। यदि आपका मासिक ऋण भुगतान बहुत अधिक आपकी मासिक आय की खपत कर रहा है तो आप अधिक जोखिम वाले उधारकर्ता बन जाएंगे। उस स्थिति में, ऋणदाता आपसे हाउस लोन पर अधिक ब्याज लगा सकता है।

एमसीएलआर क्‍या हैं?

2016, में आरबीआई ने ऋण के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) नामक दिशानिर्देशों के एक नए सेट की घोषणा की थी। एमसीएलआर अप्रैल 1, 2016 के बाद दिए गए सभी लोन के लिए पेश किया गया था और पुराने आधार दर शासन के साथ बदल दिया गया है।

यदि आपने इस तिथि से पहले होम लोन लिया है, तो कुछ रूपांतरण शुल्क लागू होने के कारण आप अपनी लोन की लागत के आधार पर एमसीएलआर पर स्विच कर सकते हैं।

फिक्स्ड और फ्लोटिंग होम लोन ब्याज दरें क्या हैं?

ऋणदाता मुख्य रूप से दो प्रकार की होम लोन ब्याज़ दरें प्रदान करते हैं - फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दर।

फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट वह है जिसमें होम लोन पर ब्याज दर कभी नहीं बदलेगी, चाहे बाजार का परिदृश्य कितना भी अस्थिर क्यों न हो। जिन लोगों ने अपने होम लोन को फिक्स्ड रेट द्वारा चुकाने का विकल्प चुना है, उन्हें पूर्व-निर्धारित अवधि में समान रूप से विभाजित निश्चित मासिक किस्तों का भुगतान करना होगा, जिसमें बीच में कोई अप्रत्याशित बदलाव नहीं होगा।

वैकल्पिक रूप से, फ्लोटिंग होम लोन ब्याज दर वह है जो अस्थिर है और बाजार के परिदृश्य के अनुसार बदलती रहती है। चूंकि फ्लोटिंग ब्याज दर उधारदाताओं द्वारा दी जाने वाली फ्लोटिंग या परिवर्तनशील आधार दर पर निर्भर होती है, यह स्वचालित रूप से और आधार दर में बदलाव के अनुपात में संशोधित हो जाती है।

रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग दर क्या है?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई अन्य वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार दती है। इस दर की समीक्षा हर दो महीने में एक बार की जाती है। रेपो-रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट, रेपो रेट के अनुसार निर्धारित की गई ब्याज दर होती है और रेपो रेट में परिवर्तन होने पर सीधे प्रभावित होती है। उदाहरण के लिए, यदि आरबीआई रेपो रेट को कम करती है, तो उधारकर्ताओं के लिए होम लोन ब्याज़ दरें भी कम हो जाएंगी।

रेपो-रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट्स के तहत, होम लोन उधारकर्ता ऋणदायी दर तय करने के लिए संबंधित ऋणदायी संस्था पर निर्भर नहीं होता है। रेपो रेट के साथ अनुरूप होने के लिए यह (परिवर्तन के बाद वाले महीने के पहले दिन) स्वचालित रूप से अपडेट होती है।

वेतनभोगी और स्व नियोजित ब्याज दर तालिका

होम लोन

वैतनिक कोई भी राशि 6.70%* से आगे
स्व नियोजित कोई भी राशि 6.70%* से आगे

गृह इक्विटी

वेतनभोगी/स्व नियोजित कोई भी राशि 10.10% से आगे

*अंतिम आरओआई क्रेडिट जाँच, संपत्ति और अन्य मापदंडों के आधार पर भिन्न हो सकता है

अपनी लागतों को कम करने के लिए सही होम लोन ब्याज दर प्राप्त करने हेतु बाजार की खोज करना आवश्यक है। अलग-अलग खरीदारों, संयुक्त खरीदारों, महिलाओं, आदि के लिए उपलब्ध विभिन्न होम लोन योजनाओं के आधार पर हाउसिंग लोन ब्याज़ दर अलग-अलग होगा। जिस राशि को आप लोन प्रिंसिपल के रूप में उधार लेने के पात्र हैं उसके बारे में स्पष्ट कल्पना प्राप्त करने के लिए आप एक निःशुल्क ऑनलाइन होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं

टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड - प्राइम ऋण दरें (पीएलआर)

जनवरी 1st, 2019 17.45%
अक्टूबर 1st, 2018 17.15%
जुलाई 1st, 2018 16.85%
मई 1st, 2018 16.65%
नवंबर 1st, 2015 16.50%
मई 1st, 2015 16.65%
दिसंबर 10th, 2013 16.75%